23 January, 2018

अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग अलाप रहे हैं ‘योगी के अफसर’

'Yogi's officers', Panchamtal, Lal Bahadur Shastri Bhawan, Chief secretary Rajiv kumar
श्रवण शुक्ला
लखनऊ।  सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तमाम नसीहतों के बावजूद यूपी की नौकरशाही कई खेमों में बंटकर अपनी-अपनी ढपली और अपना राग गा रही है। यही वजह है कि मुख्य सचिव से लेकर पंचमतल से लेकर अनेकों महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिव तक आपसी संवादहीनता के चलते अधीनस्थ अफसर भी अपने मुखिया की बात को अनसुना कर रहे हैं। अफसरों की आपसी तालमेल की कमी और इगो की वजह से जनता और सरकार प्रभावित हो रही है।
बताते चले कि यूं तो मुख्य सचिव राजीव कुमार यूपी की नौकरशाही के मुखिया हैं,  लेकिन अपने अधीनस्थ अफसरों से पटरी नहीं खाती है। जिसका असर मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली बैठकों में वरिष्ठï अफसरों के अनुपस्थिति से दिखता है। मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह के बीच संवादहीनता इतनी है कि मीटिंगों में दूरी बनी रहती है। मुख्य सचिव के अनेकों आदेश कृषि उत्पादन आयुक्त के दरवाजे पर आकर दम तोड़ देते हैं। पंचमतल पर तैनात अफसर भी दो खेमों में बंटे हुए हैं। एक मुख्य सचिव का दूसरा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री का। ईमानदार छवि के प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल के आदेशों को कई प्रमुख सचिव नजरअंदाज करते हैं।
औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय के आदेशों को प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा और आवास आयुक्त मुकुल सिंघल गंभीरता से नहीं लेते हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा पर खरा उतरने के लिए जहां अधीनस्थ अफसरों का सहयोग न मिल पाने के कारण अनूप चंद्र पाण्डेय इंवेस्टर्स मीट के लिए खुद ही हर मोर्चे संभाला लिया है। कई मामलों में प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल की आवास आयुक्त धीरज साहू और एलडीए वीसी प्रभु नारायण सिंह की जुदा-जुदा राहें हैं। प्रमुख सचिव गृह अरविन्द सिंह के अधीन होने वाली बैठकों से पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह अक्सर गायब रहते हैं। शासन के आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। समाज कल्याण आयुक्त चंद्र प्रकाश के अधीन विभागों के प्रमुख सचिव मीटिंगों से पूरी तरह से दूरी बनाए रखते हैं। कोई भी प्रमुख सचिव समाज कल्याण आयुक्त के आदेशों को पालन नहीं कर रहा है।
प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल की अपने सचिव एम.पी. अग्रवाल से जरा भी मेल नहीं खाती है। इस कारण सचिव एम.पी. अग्रवाल अपने ट्रासंफर के लिए पैरवी में जुटे हुए हैं। प्रमुख सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग अवनीश अवस्थी की अपने निदेशक अनुज कुमार झा से जरा भी पटरी नहीं खा रही है। निदेशक अनुज कुमार झा अपने तबादले के लिए जुगाड़ में लगे हुए हैं। यूपी की नौकरशाही पर बारीक नजर रखने वाले वरिष्ठï पत्रकार दिलीप सिन्हा का कहना है कि योगी सरकार की नौकरशाही की टीम में तालमेल का बहुत अभाव है। योगी सरकार को मुख्य सचिव थोपे गए हैं। इसी वजह से मुख्य सचिव सिर्फ उतनी ही लाइन पर काम कर रहे हैं, जितनी केन्द्र से कही जा रही है। इसका असर पंचमतल से लेकर नीचे तक है। अधिकतर अफसरों की आपस में नहीं बनती है। एक-दूसरे को पटकनी देने के लिए तिकड़मबाजी करते रहते हैं। जिसकी वजह से जनता और सरकार प्रभावित हो रही है।

 

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