उत्तर प्रदेश

नगर निगम बोर्ड की बैठक में भाजपा और विपक्षी दलों के बीच हुई झड़प

भाजपा और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस, मुख्य नेताओं की निंदा और समाज में चिंता

Mayawati: बीते हफ्ते मेरठ में हुई एक नगर निगम बोर्ड की बैठक ने राजनीतिक दलों के बीच एक नया विवाद उत्पन्न किया है। इस घटना के दौरान भाजपा और विपक्षी दलों के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आपसी आलोचना लगाई है।

बैठक के दौरान सुनी गई रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्षदों के बीच हुई इस मारपीट का मुख्य कारण पार्षदों के अपमान और उन पर हमला करने का आरोप था। इस घटना के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने इसे निंदा करते हुए कहा, “भाजपा और उसकी सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

राजनीतिक विवाद की इस घटना के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी अपने आपत्तिजनक रुख को साझा किया। उनके अनुसार, दलित पार्षदों को भाजपा सदस्यों ने निशाना बनाया था, जिन्होंने इस आरोप को खारिज किया था।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना पर भाजपा की आलोचना की हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है और लोग इस मामले में न्याय मांग रहे हैं। इसमें स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी शांति बनाए रखने के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

यह विवाद दिखाता है कि राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ रहा है और वे आपसी विरोधों को हल करने के लिए सकारात्मक रूप से सहयोग नहीं कर रहे हैं। स्थानीय समुदाय की दृष्टि से भी, ऐसे घटनाओं से सामाजिक समरसता की स्थिति में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इस बढ़ते राजनीतिक विवाद के बावजूद, लोग आशा कर रहे हैं कि सरकार तत्परता से इस मामले का समाधान करेगी और सामाजिक समरसता की बढ़ाएगी।

Mayawati


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